Friday, April 04, 2025
RBI new guidline
दोस्तों बात दरसल यह कि आरबीआई बैंक ग्राहकों की सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए टोकनाइजेशन का ऑप्शन लेकर आया है.दोस्तों टोकनाइजेशन का मतलब है डेबिट या क्रेडिट कार्ड की बुनियादी जानकारी को एक कोड में बदलना.
मूल विवरण को कोड में बदल दिया जाता है. कोड को ही टोकन कहा जाता है. इस टोकन में कोड का विवरण होता है.
भारतीय कंपनियां पहले ही कैश-फ्री भुगतान के लिए बिना सीवीवी नंबर के ऑनलाइन लेनदेन शुरू कर चुकी हैं. रुपे ने डेबिट, क्रेडिट और प्रीपेड कार्डधारकों के लिए सीवीवी मुफ्त सेवा भी शुरू की.
हल्ला बोल एक्सप्रेस
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